सेल्सफोर्स प्रशासक साक्षात्कार प्रश्न हिंदी में

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सेल्सफोर्स प्रशासक साक्षात्कार प्रश्न हिंदी में

On June 20, 2024, Posted by , In Interview Questions, With No Comments
Salesforce Admin Interview Questions and Answers in Hindi 2024
Salesforce Admin Interview Questions and Answers in Hindi 2024

Table of Contents

1. Salesforce क्या है और इसके लाभ क्या हैं?

Salesforce एक क्लाउड-बेस्ड CRM (Customer Relationship Management) प्लेटफॉर्म है जो व्यवसायों को ग्राहकों के साथ संबंध प्रबंधित करने में मदद करता है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यवसायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना, ग्राहकों के साथ बेहतर संपर्क स्थापित करना और बिक्री, सेवा और विपणन टीमों को मजबूत बनाना है। Salesforce के मुख्य लाभों में इसके उपयोग में आसान इंटरफेस, विभिन्न व्यवसायिक जरूरतों को पूरा करने के लिए कस्टमाइजेशन की सुविधा, क्लाउड पर आधारित होने के कारण कहीं भी और कभी भी एक्सेसिबिलिटी, और इसके विभिन्न क्लाउड उत्पाद जैसे Sales Cloud, Service Cloud, Marketing Cloud आदि शामिल हैं। यह व्यवसायों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालन करने और ग्राहकों की संतुष्टि बढ़ाने में मदद करता है।

2. Salesforce के विभिन्न प्रकार के क्लाउड्स को समझाएँ

Salesforce में मुख्यतः तीन प्रमुख क्लाउड्स होते हैं: Sales Cloud, Service Cloud, और Marketing Cloud। Sales Cloud सेल्स प्रोसेस को ऑटोमेट करने और सेल्स टीम को ग्राहकों के साथ बेहतर इंटरैक्शन करने में मदद करता है। Service Cloud ग्राहक सेवा को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे ग्राहक सेवा एजेंट्स अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं। Marketing Cloud विपणन अभियानों को प्रबंधित करने और ग्राहकों के साथ बेहतर विपणन रणनीतियाँ बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, Commerce Cloud, Community Cloud, और Analytics Cloud जैसे अन्य क्लाउड भी उपलब्ध हैं, जो विभिन्न व्यवसायिक आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।

3. Salesforce में कस्टम ऑब्जेक्ट क्या है?

Salesforce में कस्टम ऑब्जेक्ट्स वे ऑब्जेक्ट्स होते हैं जिन्हें उपयोगकर्ता की विशेष आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बनाया जाता है। जबकि Salesforce में कई स्टैंडर्ड ऑब्जेक्ट्स होते हैं जैसे कि Accounts, Contacts, और Opportunities, कस्टम ऑब्जेक्ट्स व्यवसायिक प्रक्रियाओं को अधिक विशेष रूप से प्रबंधित करने की अनुमति देते हैं। कस्टम ऑब्जेक्ट्स का उपयोग करके, उपयोगकर्ता नई जानकारी को संग्रहीत कर सकते हैं, विशिष्ट कार्यप्रवाह बना सकते हैं, और रिपोर्ट्स जेनरेट कर सकते हैं जो स्टैंडर्ड ऑब्जेक्ट्स में संभव नहीं होते।

4. Salesforce में कस्टम ऑब्जेक्ट कैसे बनाते हैं?

Salesforce में कस्टम ऑब्जेक्ट बनाने के लिए, उपयोगकर्ता को सेटअप मेनू में जाना होता है और ‘Objects and Fields’ सेक्शन के अंतर्गत ‘Object Manager’ में जाना होता है। वहां से, ‘Create’ विकल्प चुनकर ‘Custom Object’ चुना जाता है। इसके बाद, कस्टम ऑब्जेक्ट का नाम और अन्य विशेषताएँ भरनी होती हैं जैसे कि प्लूरल लेबल, ऑब्जेक्ट नाम, और ऑब्जेक्ट के साथ जुड़े हुए टैब की जानकारी। इसके बाद, कस्टम ऑब्जेक्ट को सेव कर दिया जाता है। इस तरह से, व्यवसाय अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कस्टम ऑब्जेक्ट बना सकते हैं।

5. Salesforce में विभिन्न प्रकार के रिलेशनशिप्स क्या हैं?

Salesforce में मुख्यतः तीन प्रकार के रिलेशनशिप्स होते हैं: Lookup Relationship, Master-Detail Relationship, और Many-to-Many Relationship। Lookup Relationship का उपयोग तब किया जाता है जब दो ऑब्जेक्ट्स के बीच लूज़ संबंध हो और एक ऑब्जेक्ट के रिकॉर्ड दूसरे ऑब्जेक्ट के रिकॉर्ड को संदर्भित कर सकें। Master-Detail Relationship एक मजबूत संबंध स्थापित करता है जहाँ एक ऑब्जेक्ट (मास्टर) का रिकॉर्ड दूसरे ऑब्जेक्ट (डिटेल) के रिकॉर्ड को नियंत्रित करता है। Many-to-Many Relationship को जंक्शन ऑब्जेक्ट्स के माध्यम से बनाया जाता है, जो दो मास्टर-डिटेल रिलेशनशिप्स का उपयोग करके दो ऑब्जेक्ट्स के बीच संबंध स्थापित करते हैं। ये रिलेशनशिप्स व्यवसायिक डेटा को संगठित और प्रबंधित करने में मदद करते हैं।

6. मास्टर-डिटेल रिलेशनशिप और लुकअप रिलेशनशिप में क्या अंतर है?

मास्टर-डिटेल रिलेशनशिप और लुकअप रिलेशनशिप दोनों ही Salesforce में ऑब्जेक्ट्स के बीच संबंध स्थापित करने के तरीके हैं, लेकिन इनमें कुछ महत्वपूर्ण अंतर होते हैं। मास्टर-डिटेल रिलेशनशिप में, एक ऑब्जेक्ट (मास्टर) दूसरे ऑब्जेक्ट (डिटेल) पर पूर्ण नियंत्रण रखता है। इसका मतलब है कि यदि मास्टर ऑब्जेक्ट का रिकॉर्ड डिलीट हो जाता है, तो संबंधित डिटेल ऑब्जेक्ट का रिकॉर्ड भी डिलीट हो जाएगा। इसके विपरीत, लुकअप रिलेशनशिप एक लूज़ संबंध होता है, जिसमें एक ऑब्जेक्ट का रिकॉर्ड दूसरे ऑब्जेक्ट के रिकॉर्ड को संदर्भित कर सकता है, लेकिन इनका पूर्ण नियंत्रण नहीं होता। लुकअप रिलेशनशिप में, यदि एक रिकॉर्ड डिलीट हो जाता है, तो दूसरे रिकॉर्ड पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

7. जंक्शन ऑब्जेक्ट क्या है?

जंक्शन ऑब्जेक्ट Salesforce में एक विशेष प्रकार का कस्टम ऑब्जेक्ट होता है, जिसका उपयोग दो ऑब्जेक्ट्स के बीच Many-to-Many रिलेशनशिप स्थापित करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि आपके पास दो ऑब्जेक्ट्स हैं: “प्रोजेक्ट्स” और “एम्प्लॉईस”। आप जंक्शन ऑब्जेक्ट का उपयोग करके एक प्रोजेक्ट के साथ कई एम्प्लॉईस और एक एम्प्लॉई के साथ कई प्रोजेक्ट्स को जोड़ सकते हैं। जंक्शन ऑब्जेक्ट दो मास्टर-डिटेल रिलेशनशिप्स का उपयोग करता है, जिससे यह दोनों संबंधित ऑब्जेक्ट्स के बीच संबंध स्थापित करता है और डेटा प्रबंधन को सरल बनाता है।

8. जंक्शन ऑब्जेक्ट कैसे बनाते हैं?

जंक्शन ऑब्जेक्ट बनाने के लिए, सबसे पहले दो मास्टर-डिटेल रिलेशनशिप्स स्थापित करनी होती हैं। सेटअप में जाकर ‘Object Manager’ में जाएं और ‘Create’ विकल्प के तहत ‘Custom Object’ चुनें। इसके बाद, कस्टम ऑब्जेक्ट का नाम और अन्य विवरण भरें। फिर इस नए कस्टम ऑब्जेक्ट के अंदर दो मास्टर-डिटेल रिलेशनशिप्स बनाएं, जो उन दो ऑब्जेक्ट्स से लिंक हों जिनके बीच Many-to-Many रिलेशनशिप बनानी है। इस तरह, आपका जंक्शन ऑब्जेक्ट दोनों ऑब्जेक्ट्स के रिकॉर्ड को आपस में जोड़ने के लिए तैयार हो जाएगा।

9. वर्कफ़्लो नियम क्या हैं?

वर्कफ़्लो नियम Salesforce में एक स्वचालित प्रक्रिया है जो कुछ शर्तों को पूरा करने पर निर्दिष्ट कार्यों को ट्रिगर करती है। वर्कफ़्लो नियमों का उपयोग विभिन्न प्रक्रियाओं को ऑटोमेट करने के लिए किया जाता है, जैसे कि ईमेल अलर्ट भेजना, टास्क असाइन करना, फ़ील्ड अपडेट करना, और आउटबाउंड मैसेज भेजना। वर्कफ़्लो नियम सेटअप में जाकर, ‘Workflow Rules’ के अंतर्गत बनाया जा सकता है। इसमें मुख्यतः दो घटक होते हैं: क्राइटेरिया (जिसके आधार पर नियम ट्रिगर होता है) और एक्शन (जो क्राइटेरिया पूरा होने पर होता है)।

10. वर्कफ़्लो नियम और प्रोसेस बिल्डर में क्या अंतर है?

वर्कफ़्लो नियम और प्रोसेस बिल्डर दोनों ही Salesforce में ऑटोमेशन के लिए उपयोग किए जाते हैं, लेकिन इनमें कुछ मुख्य अंतर होते हैं। वर्कफ़्लो नियम केवल चार प्रकार के एक्शन सपोर्ट करता है: ईमेल अलर्ट, टास्क क्रिएशन, फ़ील्ड अपडेट, और आउटबाउंड मैसेज। दूसरी ओर, प्रोसेस बिल्डर अधिक फ्लेक्सिबल है और कई एक्शन एक साथ ट्रिगर कर सकता है, जैसे कि रिकॉर्ड अपडेट, ईमेल भेजना, क्विक एक्शन, और कॉलिंग ए फोर्कास्ट एपेक्स कोड। प्रोसेस बिल्डर में मल्टी-स्टेप और मल्टी-एक्शन प्रोसेस बनाना आसान है, जो अधिक जटिल बिजनेस लॉजिक को संभाल सकता है।

11. वेलिडेशन नियम क्या हैं?

वेलिडेशन नियम Salesforce में डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। ये नियम किसी भी रिकॉर्ड को सेव करने से पहले यह सुनिश्चित करते हैं कि वह रिकॉर्ड निश्चित मानदंडों को पूरा करता है। वेलिडेशन नियमों में एक फार्मूला होता है जो सटीकता और मान्यताओं की जाँच करता है, और यदि रिकॉर्ड इन मानदंडों को पूरा नहीं करता, तो एक एरर मैसेज दिखाया जाता है। उदाहरण के लिए, आप एक वेलिडेशन नियम बना सकते हैं जो सुनिश्चित करता है कि एक फ़ील्ड खाली नहीं छोड़ा जा सकता। वेलिडेशन नियम व्यावसायिक प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता और डेटा की शुद्धता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

12. Salesforce में वेलिडेशन नियम कैसे बनाते हैं?

Salesforce में वेलिडेशन नियम बनाने के लिए, सबसे पहले सेटअप में जाकर उस ऑब्जेक्ट का चयन करें जिसके लिए आप नियम बनाना चाहते हैं। ऑब्जेक्ट के डिटेल पेज पर ‘Validation Rules’ सेक्शन में जाएं और ‘New’ बटन पर क्लिक करें। इसके बाद, वेलिडेशन नियम का नाम और विवरण दर्ज करें, फिर नियम का फार्मूला बनाएँ जो वांछित मानदंडों की जांच करेगा। फार्मूला बनने के बाद, एक कस्टम एरर मैसेज सेट करें जो तब प्रदर्शित होगा जब रिकॉर्ड वेलिडेशन नियम को पूरा नहीं करेगा। अंत में, नियम को सेव और एक्टिवेट करें।

13. भूमिका पदानुक्रम क्या है?

भूमिका पदानुक्रम (Role Hierarchy) Salesforce में एक ऐसा ढांचा है जो संगठन के भीतर यूज़र्स की भूमिकाओं को परिभाषित करता है और डेटा एक्सेस को नियंत्रित करता है। यह पदानुक्रम यूज़र्स को उनकी भूमिका के आधार पर डेटा तक पहुंचने की अनुमति देता है, जिससे उच्च स्तर के यूज़र्स निचले स्तर के यूज़र्स के डेटा को देख सकते हैं। उदाहरण के लिए, एक सेल्स मैनेजर अपने अधीनस्थ सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के रिकॉर्ड देख सकता है, लेकिन रिप्रेजेंटेटिव मैनेजर के रिकॉर्ड नहीं देख सकता। भूमिका पदानुक्रम संगठनात्मक संरचना को दर्शाता है और डेटा सुरक्षा और एक्सेस कंट्रोल को सुनिश्चित करता है।

14. रोल्स और प्रोफाइल्स में क्या अंतर है?

रोल्स और प्रोफाइल्स दोनों ही Salesforce में डेटा एक्सेस और परमिशन सेटिंग्स को नियंत्रित करते हैं, लेकिन इनके उपयोग और कार्यक्षमता में अंतर होता है। प्रोफाइल्स उपयोगकर्ताओं को यह निर्धारित करती हैं कि वे Salesforce में कौन-कौन से ऑब्जेक्ट्स, फ़ील्ड्स और एप्लिकेशन फीचर्स तक पहुंच सकते हैं और उन पर क्या कार्य कर सकते हैं, जैसे कि रिकॉर्ड को बनाना, पढ़ना, संपादित करना या हटाना। दूसरी ओर, रोल्स डेटा की दृश्यता को नियंत्रित करते हैं और यह निर्धारित करते हैं कि एक यूज़र संगठनात्मक पदानुक्रम में डेटा को कैसे देख सकता है। रोल्स और प्रोफाइल्स दोनों का संयोजन उपयोगकर्ताओं के डेटा एक्सेस और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है।

15. शेयरिंग नियम क्या हैं?

शेयरिंग नियम Salesforce में उपयोगकर्ताओं के बीच डेटा शेयरिंग की अनुमति देने के लिए उपयोग किए जाते हैं। ये नियम यह सुनिश्चित करते हैं कि एक संगठन के भीतर उपयोगकर्ता विशेष डेटा तक पहुंच सकते हैं, भले ही वे संगठनात्मक पदानुक्रम में एक-दूसरे के ऊपर या नीचे न हों। उदाहरण के लिए, आप एक शेयरिंग नियम बना सकते हैं जो सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स को उनके सहकर्मियों के खातों तक पहुंचने की अनुमति देता है। शेयरिंग नियमों का उपयोग भूमिका पदानुक्रम के बाहर डेटा शेयरिंग को सक्षम करने के लिए किया जाता है और ये प्रोफाइल्स और रोल्स के साथ मिलकर काम करते हैं ताकि डेटा एक्सेस और सुरक्षा की व्यापक नीति बनाई जा सके।

16. शेयरिंग नियम कैसे बनाते हैं?

शेयरिंग नियम बनाने के लिए, Salesforce के सेटअप में जाएं और उस ऑब्जेक्ट का चयन करें जिसके लिए आप शेयरिंग नियम बनाना चाहते हैं। ऑब्जेक्ट के सेटिंग पेज पर ‘Sharing Settings’ विकल्प पर क्लिक करें। यहां, ‘Sharing Rules’ सेक्शन में जाएं और ‘New’ बटन पर क्लिक करें। इसके बाद, शेयरिंग नियम का नाम और विवरण भरें। फिर, शेयरिंग नियम के क्राइटेरिया (जैसे कि रोल्स, पब्लिक ग्रुप्स, या यूजर द्वारा परिभाषित मानदंड) को निर्दिष्ट करें। अंत में, यह निर्धारित करें कि किस डेटा को किस प्रकार के एक्सेस (रीड ओनली या रीड/राइट) के साथ शेयर किया जाना चाहिए और नियम को सेव करें। इस प्रक्रिया से शेयरिंग नियम सक्रिय हो जाएगा और निर्दिष्ट यूजर्स को डेटा तक पहुंच प्रदान करेगा।

17. परमिशन सेट क्या है?

परमिशन सेट Salesforce में एक विशेषता है जो उपयोगकर्ताओं को उनकी प्रोफाइल के अतिरिक्त एक्सेस और परमिशन प्रदान करती है। प्रोफाइल्स उपयोगकर्ताओं को कुछ निश्चित ऑब्जेक्ट्स, फ़ील्ड्स, और एप्लिकेशन फीचर्स तक पहुंचने की अनुमति देती हैं, लेकिन कभी-कभी आपको किसी विशेष उपयोगकर्ता को अतिरिक्त एक्सेस देने की आवश्यकता होती है। इसी स्थिति में परमिशन सेट का उपयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी उपयोगकर्ता को एक विशेष रिपोर्ट या डैशबोर्ड तक पहुंचने की अनुमति देनी है जो उनकी प्रोफाइल में नहीं है, तो आप एक परमिशन सेट बना सकते हैं और उसे उस उपयोगकर्ता को असाइन कर सकते हैं। इससे बिना प्रोफाइल बदलने के, उपयोगकर्ता को अतिरिक्त एक्सेस मिल जाती है।

18. परमिशन सेट कैसे बनाते हैं?

परमिशन सेट बनाने के लिए, Salesforce सेटअप में जाएं और ‘Permission Sets’ पर क्लिक करें। वहां, ‘New’ बटन पर क्लिक करें और परमिशन सेट का नाम और विवरण दर्ज करें। इसके बाद, विभिन्न सेटिंग्स जैसे कि ऑब्जेक्ट सेटिंग्स, ऐप परमीशन्स, और सिस्टम परमीशन्स को कस्टमाइज करें जो आप इस परमिशन सेट के तहत देना चाहते हैं। एक बार परमिशन सेट तैयार हो जाने पर, इसे उपयोगकर्ताओं को असाइन करें। ऐसा करने के लिए, परमिशन सेट के ‘Manage Assignments’ विकल्प पर क्लिक करें और उपयोगकर्ताओं का चयन करें जिन्हें आप यह सेट देना चाहते हैं। इससे चुने हुए उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त परमिशन मिल जाएगी।

19. स्टैंडर्ड रिपोर्ट प्रकार और कस्टम रिपोर्ट प्रकार में क्या अंतर है?

स्टैंडर्ड रिपोर्ट प्रकार Salesforce द्वारा पहले से परिभाषित रिपोर्ट टेम्पलेट्स होते हैं जो आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले डेटा संबंधों पर आधारित होते हैं। ये रिपोर्ट प्रकार उपयोगकर्ताओं को जल्दी से रिपोर्ट बनाने में मदद करते हैं और अधिकांश व्यवसायिक आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। दूसरी ओर, कस्टम रिपोर्ट प्रकार उपयोगकर्ताओं को अपनी विशेष आवश्यकताओं के अनुसार रिपोर्ट बनाने की सुविधा प्रदान करते हैं। कस्टम रिपोर्ट प्रकार में, आप विभिन्न ऑब्जेक्ट्स और उनकी फील्ड्स को चुन सकते हैं और अपने बिजनेस की विशिष्ट रिपोर्टिंग आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कस्टम रिलेशनशिप्स को परिभाषित कर सकते हैं। कस्टम रिपोर्ट प्रकार जटिल डेटा एनालिसिस और विशेष रिपोर्टिंग आवश्यकताओं के लिए उपयोगी होते हैं।

20. कस्टम रिपोर्ट प्रकार कैसे बनाते हैं?

कस्टम रिपोर्ट प्रकार बनाने के लिए, Salesforce सेटअप में जाएं और ‘Report Types’ पर क्लिक करें। वहां, ‘New Custom Report Type’ बटन पर क्लिक करें और कस्टम रिपोर्ट प्रकार का नाम, प्राथमिक ऑब्जेक्ट, और उसके संबंध को परिभाषित करें। इसके बाद, सेकंडरी ऑब्जेक्ट्स और उनकी संबंधित फील्ड्स को जोड़ें जिन्हें आप रिपोर्ट में शामिल करना चाहते हैं। जब सभी आवश्यक ऑब्जेक्ट्स और फील्ड्स को जोड़ लिया जाए, तो कस्टम रिपोर्ट प्रकार को सेव करें। अब आप इस कस्टम रिपोर्ट प्रकार का उपयोग करके रिपोर्ट बना सकते हैं जो आपके व्यवसाय की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करती है।

21. Salesforce में डैशबोर्ड क्या है?

Salesforce में डैशबोर्ड एक विज़ुअल डिस्प्ले है जो विभिन्न रिपोर्टों के सारांश को एक ही पेज पर प्रदर्शित करता है। यह उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा का संक्षिप्त अवलोकन प्रदान करता है और उन्हें महत्वपूर्ण मेट्रिक्स और की परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स (KPIs) को वास्तविक समय में ट्रैक करने में मदद करता है। डैशबोर्ड्स में चार्ट्स, ग्राफ्स, टेबल्स, और गेज जैसे विभिन्न विज़ुअल घटक होते हैं, जो डेटा को आसानी से समझने योग्य रूप में प्रस्तुत करते हैं। डैशबोर्ड्स का उपयोग व्यवसायिक प्रदर्शन की निगरानी, ट्रेंड्स की पहचान, और निर्णय लेने में सहायता के लिए किया जाता है।

22. Salesforce में डैशबोर्ड कैसे बनाते हैं?

Salesforce में डैशबोर्ड बनाने के लिए, सबसे पहले ‘Dashboards’ टैब पर जाएं और ‘New Dashboard’ बटन पर क्लिक करें। इसके बाद, डैशबोर्ड का नाम, विवरण, और उसे स्टोर करने की फोल्डर चुनें। जब डैशबोर्ड बन जाए, तो ‘Components’ पैनल से विज़ुअल घटकों को जोड़ें। इन घटकों को कस्टमाइज़ करने के लिए, उन्हें खींचकर और छोड़कर डैशबोर्ड के लेआउट में रखें। प्रत्येक घटक के लिए संबंधित रिपोर्ट का चयन करें और आवश्यक फिल्टर और सेटिंग्स लागू करें। डैशबोर्ड को सेव और रन करें। अब आपका डैशबोर्ड तैयार है, और आप इसे रियल-टाइम डेटा विज़ुअलाइज़ेशन के लिए उपयोग कर सकते हैं।

23. रिकॉर्ड प्रकार क्या हैं?

रिकॉर्ड प्रकार Salesforce में एक फीचर है जो उपयोगकर्ताओं को एक ही ऑब्जेक्ट में विभिन्न बिजनेस प्रोसेस, लेआउट्स, और पिक्लिस्ट वैल्यूज़ को मैनेज करने की अनुमति देता है। रिकॉर्ड प्रकार का उपयोग करके, आप एक ऑब्जेक्ट के लिए कई प्रकार के रिकॉर्ड बना सकते हैं, जो विभिन्न कार्य प्रक्रियाओं और डेटा प्रबंधन की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। उदाहरण के लिए, आप एक ‘Opportunity’ ऑब्जेक्ट के लिए विभिन्न रिकॉर्ड प्रकार बना सकते हैं, जो बिक्री की विभिन्न चरणों को दर्शाते हैं, जैसे कि ‘New Business’ और ‘Renewal Business’। प्रत्येक रिकॉर्ड प्रकार का अपना अलग पेज लेआउट और पिक्लिस्ट सेटिंग्स हो सकता है, जिससे उपयोगकर्ता के अनुभव और डेटा एंट्री को सुव्यवस्थित किया जा सकता है।

24. रिकॉर्ड प्रकार कैसे बनाते हैं?

रिकॉर्ड प्रकार बनाने के लिए, Salesforce के सेटअप में जाएं और उस ऑब्जेक्ट का चयन करें जिसके लिए आप रिकॉर्ड प्रकार बनाना चाहते हैं। ऑब्जेक्ट के सेटिंग पेज पर ‘Record Types’ सेक्शन में जाएं और ‘New’ बटन पर क्लिक करें। इसके बाद, रिकॉर्ड प्रकार का नाम और विवरण दर्ज करें, और उसे प्रोफाइल्स को असाइन करें जिनके पास इस रिकॉर्ड प्रकार को उपयोग करने की अनुमति होगी। इसके बाद, पेज लेआउट और पिक्लिस्ट वैल्यूज़ को कस्टमाइज़ करें जो इस रिकॉर्ड प्रकार के लिए उपयोग की जाएंगी। अंत में, रिकॉर्ड प्रकार को सेव करें। अब आप इस रिकॉर्ड प्रकार का उपयोग करके ऑब्जेक्ट के लिए विभिन्न बिजनेस प्रोसेस को मैनेज कर सकते हैं।

25. डेटा लोडर क्या है और इसे कैसे उपयोग करते हैं?

डेटा लोडर Salesforce का एक टूल है जो बड़े पैमाने पर डेटा को इम्पोर्ट, एक्सपोर्ट, अपडेट, डिलीट और एक्सपोर्ट करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह टूल उपयोगकर्ताओं को CSV फाइल्स के माध्यम से डेटा को Salesforce में अपलोड और डाउनलोड करने की सुविधा प्रदान करता है। डेटा लोडर का उपयोग करना सरल है: सबसे पहले, डेटा लोडर एप्लिकेशन को डाउनलोड और इंस्टॉल करें। इसके बाद, एप्लिकेशन खोलें और Salesforce में लॉगिन करें। आवश्यक ऑपरेशन (जैसे कि इम्पोर्ट, अपडेट, या डिलीट) का चयन करें और CSV फाइल को लोड करें। फील्ड मैपिंग करें और ऑपरेशन को निष्पादित करें। डेटा लोडर का उपयोग करके, आप बड़ी मात्रा में डेटा को आसानी से और तेज़ी से प्रबंधित कर सकते हैं, जो सामान्य यूजर इंटरफेस के माध्यम से संभव नहीं होता।

26. डेटा इम्पोर्ट विजार्ड और डेटा लोडर में क्या अंतर है?

डेटा इम्पोर्ट विजार्ड और डेटा लोडर दोनों ही Salesforce में डेटा इम्पोर्ट करने के लिए उपयोग किए जाने वाले टूल्स हैं, लेकिन इन दोनों में महत्वपूर्ण अंतर होते हैं। डेटा इम्पोर्ट विजार्ड एक उपयोगकर्ता-मित्र इंटरफेस है जो आसान और सरल डेटा इम्पोर्ट प्रक्रिया प्रदान करता है। यह स्टैंडर्ड ऑब्जेक्ट्स (जैसे कि अकाउंट्स, कॉन्टैक्ट्स, लीड्स) और कस्टम ऑब्जेक्ट्स के लिए छोटे से मध्यम आकार के डेटा सेट्स को इम्पोर्ट करने के लिए आदर्श है। इसके विपरीत, डेटा लोडर एक अधिक शक्तिशाली और उन्नत टूल है जो बड़े डेटा सेट्स को इम्पोर्ट, एक्सपोर्ट, अपडेट, और डिलीट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। डेटा लोडर उपयोगकर्ताओं को CSV फाइल्स का उपयोग करके डेटा मैपिंग और बैच प्रोसेसिंग की सुविधा प्रदान करता है, जिससे यह बड़े पैमाने पर डेटा प्रबंधन के लिए अधिक उपयुक्त है।

27. Salesforce में सैंडबॉक्स क्या हैं?

Salesforce में सैंडबॉक्स एक क्लोन वातावरण है जो प्रोडक्शन ऑर्ग की नकल करता है और उपयोगकर्ताओं को विकास, परीक्षण, और प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करता है। सैंडबॉक्स का उपयोग करके, डेवलपर्स और एडमिन्स बिना प्रोडक्शन डेटा और एप्लिकेशन को प्रभावित किए नई फीचर्स और कस्टमाइज़ेशन्स को बना और परीक्षण कर सकते हैं। सैंडबॉक्स विभिन्न प्रकार के होते हैं, जैसे कि Developer Sandbox, Developer Pro Sandbox, Partial Copy Sandbox, और Full Sandbox, जिनमें से प्रत्येक का उपयोग विभिन्न प्रकार के विकास और परीक्षण परिदृश्यों के लिए किया जाता है।

28. विभिन्न प्रकार के सैंडबॉक्स को समझाएँ

Salesforce में चार मुख्य प्रकार के सैंडबॉक्स होते हैं: Developer Sandbox, Developer Pro Sandbox, Partial Copy Sandbox, और Full Sandbox। Developer Sandbox एक बेसिक सैंडबॉक्स है जो केवल मेटाडाटा की प्रतिलिपि बनाता है और सीमित डेटा स्पेस प्रदान करता है। Developer Pro Sandbox भी मेटाडाटा की प्रतिलिपि बनाता है, लेकिन अधिक डेटा स्टोरेज प्रदान करता है। Partial Copy Sandbox एक मेटाडाटा और आंशिक डेटा कॉपी प्रदान करता है, जिसमें डेटा सेट और कस्टम ऑब्जेक्ट्स शामिल होते हैं। Full Sandbox पूरी तरह से प्रोडक्शन ऑर्ग की नकल करता है, जिसमें सभी डेटा और मेटाडाटा शामिल होते हैं, और यह सबसे व्यापक परीक्षण और विकास परिदृश्यों के लिए उपयोगी होता है।

29. Salesforce में रिसायकल बिन का उपयोग क्या है?

Salesforce में रिसायकल बिन एक ऐसा फीचर है जो उपयोगकर्ताओं को डिलीट किए गए रिकॉर्ड्स को पुनः प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है। जब कोई रिकॉर्ड डिलीट किया जाता है, तो वह सीधे स्थायी रूप से हटाया नहीं जाता, बल्कि रिसायकल बिन में चला जाता है। यहां से उपयोगकर्ता 15 दिनों तक डिलीट किए गए रिकॉर्ड्स को रिस्टोर कर सकते हैं। यदि 15 दिनों के भीतर रिकॉर्ड्स को रिस्टोर नहीं किया गया, तो वे स्थायी रूप से डिलीट हो जाते हैं। रिसायकल बिन का उपयोग करके, उपयोगकर्ता गलती से डिलीट किए गए महत्वपूर्ण डेटा को आसानी से और जल्दी से पुनः प्राप्त कर सकते हैं।

30. Salesforce में डेटा सुरक्षा को कैसे संभालते हैं?

Salesforce में डेटा सुरक्षा को विभिन्न स्तरों पर संभाला जाता है, जिसमें प्रोफाइल्स, परमिशन सेट्स, रोल हाइरार्की, और शेयरिंग नियम शामिल हैं। प्रोफाइल्स और परमिशन सेट्स उपयोगकर्ताओं को ऑब्जेक्ट्स, फ़ील्ड्स, और एप्लिकेशन फीचर्स तक पहुंच प्रदान करते हैं। रोल हाइरार्की डेटा की दृश्यता को नियंत्रित करती है, जिससे उच्च पदानुक्रम में स्थित उपयोगकर्ता निचले पदानुक्रम के उपयोगकर्ताओं के डेटा को देख सकते हैं। शेयरिंग नियम उपयोगकर्ताओं के बीच डेटा साझा करने की अनुमति देते हैं, भले ही वे संगठनात्मक पदानुक्रम में एक-दूसरे के ऊपर या नीचे न हों। इसके अलावा, ऑर्ग-वाइड डिफॉल्ट सेटिंग्स और फील्ड-लेवल सुरक्षा जैसी सुविधाएं भी डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं। इन विभिन्न स्तरों पर सुरक्षा उपायों का समन्वय करके, Salesforce यह सुनिश्चित करता है कि डेटा केवल अधिकृत उपयोगकर्ताओं द्वारा ही एक्सेस और प्रबंधित किया जा सके।

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